बड़ा पछताओगे
टैबलेट के दम पे,
लोग जिंदगी जिया करते हैं
तोड़कर पत्ते पेड़ के
बीड़ी पिया करते हैं,
प्रयास किया वृक्ष कटाई रोकने की
जवाब मिला एक लाइन मे,
सड़क बनानी है, मकान बनाना है,
बेचारे बेजुबाँ की भी सुनो कोई,
उसे अगली पीढी की जान बचानी है
दुनिया की पहचान बचाना है,
अभी गुम है, बोलेगा तो भूचाल छायेगा,
एक दिन ऐसा आयेगा, धरती फटेगी
और आसमां समा जायेगा,
मनुष्य उस दिन पछतायेगा,
जिस दिन सड़क के साथ-साथ
पहाड़ भी बनाना पड़ जायेगा ।।
✍virendra kumar vidyarthi

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